बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान (BNP Chief Tarique Rahman) के नेतृत्व में बांग्लादेश ने एक नए युग में प्रवेश किया है। 18 फरवरी 2026 की सुबह बांग्लादेश के इतिहास में एक सुनहरा अध्याय लेकर आई है। 17 वर्षों के लंबे निर्वासन और राजनीतिक संघर्ष के बाद, BNP Chief Tarique Rahman ने आखिरकार प्रधानमंत्री पद की शपथ ले ली है। यह न केवल उनकी व्यक्तिगत जीत है, बल्कि बांग्लादेश के लोकतंत्र की बहाली का प्रतीक भी है। इस विस्तृत गाइड में, हम जानेंगे कि कैसे BNP Chief Tarique Rahman ने 2026 के आम चुनावों में ऐतिहासिक जीत हासिल की और अब वे देश को किस दिशा में ले जाने वाले हैं।
1. बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान की ऐतिहासिक वापसी और शपथ ग्रहण

मंगलवार, 17 फरवरी 2026 को ढाका में एक भव्य समारोह में बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। यह क्षण इसलिए भी भावुक था क्योंकि दिसंबर 2025 में ही वे 17 साल के निर्वासन से स्वदेश लौटे थे। BNP Chief Tarique Rahman की वापसी ने बांग्लादेशी राजनीति में एक नया जोश भर दिया था, जिसका परिणाम 12 फरवरी 2026 के चुनावों में देखने को मिला।
शपथ ग्रहण समारोह में लाखों लोगों की भीड़ उमड़ी थी। BNP Chief Tarique Rahman ने अपने पहले संबोधन में कहा, “यह जीत मेरी नहीं, यह जीत बांग्लादेश की जनता की है, यह जीत लोकतंत्र की है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार बदले की भावना से नहीं, बल्कि न्याय और पुनर्निर्माण के एजेंदे पर काम करेगी। बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान का यह संदेश उन आलोचकों के लिए भी एक जवाब था जो देश में राजनीतिक अस्थिरता की आशंका जता रहे थे।
2. 2026 चुनाव परिणाम: बीएनपी की प्रचंड जीत
12 फरवरी 2026 को हुए आम चुनावों में BNP Chief Tarique Rahman के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने अभूतपूर्व प्रदर्शन किया। कुल 300 सीटों में से बीएनपी ने 200 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज की, जो कि दो-तिहाई बहुमत है। यह जीत इसलिए भी मायने रखती है क्योंकि यह ‘जुलाई क्रांति 2024’ के बाद पहला लोकतांत्रिक चुनाव था।
- बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान ने स्वयं बोगुरा-6 और ढाका-17 दोनों सीटों से भारी मतों से जीत हासिल की।
- जमात-ए-इस्लामी ने दूसरा स्थान प्राप्त किया, लेकिन वे बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान की लोकप्रियता के आसपास भी नहीं पहुंच सके।
- आवामी लीग, जो पिछले 15 वर्षों से सत्ता में थी, इस चुनाव से बाहर थी, जिससे BNP Chief Tarique Rahman के लिए मैदान पूरी तरह साफ था।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जनता ने BNP Chief Tarique Rahman के ‘विजन 2030’ और उनके द्वारा प्रस्तावित सुधारों पर भरोसा जताया है। बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान ने चुनाव प्रचार के दौरान भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन और आर्थिक सुधारों का वादा किया था, जिसने युवाओं को विशेष रूप से आकर्षित किया।
3. बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान के 5 क्रांतिकारी वादे
प्रधानमंत्री बनने के बाद, बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान ने देश के सामने 5 प्रमुख लक्ष्य रखे हैं जो बांग्लादेश की तकदीर बदल सकते हैं:
(क) बदले की राजनीति का अंत
अतीत में बांग्लादेश की राजनीति हिंसा और प्रतिशोध से ग्रस्त रही है। BNP Chief Tarique Rahman ने शपथ लेते ही घोषणा की कि उनकी सरकार किसी भी राजनीतिक प्रतिद्वंदी के खिलाफ बदले की कार्यवाही नहीं करेगी। “कानून अपना काम करेगा, लेकिन सत्ता का उपयोग प्रतिशोध के लिए नहीं होगा,” BNP Chief Tarique Rahman ने जोर देकर कहा।
(ख) भ्रष्टाचार पर ‘ज़ीरो टॉलरेंस’
भ्रष्टाचार बांग्लादेश की एक बड़ी समस्या रही है। बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान ने वादा किया है कि वे प्रशासन में ऊपर से नीचे तक सफाई अभियान चलाएंगे। उन्होंने कहा कि BNP Chief Tarique Rahman के प्रशासन में किसी भी भ्रष्ट अधिकारी या नेता के लिए कोई जगह नहीं होगी।
(ग) आर्थिक पुनरुद्धार और रोजगार
युवाओं को रोजगार देना बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान की प्राथमिकता है। उन्होंने आईटी सेक्टर और गारमेंट इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए नई नीतियों की घोषणा की है। BNP Chief Tarique Rahman का मानना है कि विदेशी निवेश को आकर्षित करके ही देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाया जा सकता है।
(घ) भारत और पड़ोसियों के साथ संबंध
विदेश नीति के मोर्चे पर, बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान ने व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाया है। उन्होंने कहा कि भारत के साथ संबंध पारस्परिक सम्मान और हितों पर आधारित होंगे। BNP Chief Tarique Rahman ने स्पष्ट किया कि वे देश की संप्रभुता के साथ समझौता किए बिना क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देंगे।
(ङ) कानून का शासन और मानवाधिकार
पिछले शासनकाल में मानवाधिकारों के हनन के कई आरोप लगे थे। BNP Chief Tarique Rahman ने सुनिश्चित किया है कि उनकी सरकार में हर नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता होगी और न्यायपालिका पूर्ण रूप से स्वतंत्र होगी।
4. बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान का राजनीतिक सफर: एक नजर
बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के पुत्र होने के नाते, राजनीति उन्हें विरासत में मिली, लेकिन उनका रास्ता आसान नहीं था। 2008 में उन्हें जेल भेजा गया और बाद में वे लंदन में निर्वासित जीवन जीने को मजबूर हुए।
लंदन में रहते हुए भी बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान ने पार्टी को एकजुट रखा। उन्होंने डिजिटल माध्यमों से पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और संगठन को मजबूत बनाया। 2024 की क्रांति के बाद जब हालात बदले, तो BNP Chief Tarique Rahman की वापसी का रास्ता साफ हुआ। दिसंबर 2025 में उनकी वापसी ने पूरे देश में एक लहर पैदा कर दी। दुर्भाग्यवश, उनकी वापसी के कुछ ही दिनों बाद उनकी माता बेगम खालिदा जिया का निधन हो गया, जिसने बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान को और अधिक जिम्मेदारी लेने के लिए प्रेरित किया।
5. नई कैबिनेट और चुनौतियां
बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान ने 25 कैबिनेट मंत्रियों और 24 राज्य मंत्रियों की अपनी टीम चुनी है। इसमें अनुभवी नेताओं के साथ-साथ युवा चेहरों को भी शामिल किया गया है। वित्त, गृह और विदेश मंत्रालयों की जिम्मेदारी वरिष्ठ नेताओं को दी गई है, जबकि तकनीकी और विकास से जुड़े मंत्रालय युवाओं के पास हैं।
हालांकि, बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान के सामने चुनौतियां कम नहीं हैं:
- अर्थव्यवस्था: महंगाई और घटते विदेशी मुद्रा भंडार को संभालना BNP Chief Tarique Rahman के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।
- कानून व्यवस्था: क्रांति के बाद से देश में कानून व्यवस्था की स्थिति नाजुक बनी हुई है। इसे पटरी पर लाना बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान की तत्काल प्राथमिकता है।
- ध्रुवीकरण: समाज में गहराया राजनीतिक विभाजन पाटना BNP Chief Tarique Rahman के लिए एक कठिन कार्य होगा।
6. अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने पर वैश्विक समुदाय ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ने चुनाव को निष्पक्ष बताया है और नई सरकार के साथ काम करने की इच्छा जताई है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भी बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान की वापसी को लोकतंत्र की जीत के रूप में देखा है। भारत ने भी नई सरकार को बधाई दी है और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की उम्मीद जताई है।
7. बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान और भविष्य का बांग्लादेश
अगले 5 साल बांग्लादेश के लिए निर्णायक होने वाले हैं। बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान के विजन 2030 के तहत, वे बांग्लादेश को एक मध्यम आय वाला देश बनाना चाहते हैं। बुनियादी ढांचे का विकास, शिक्षा में सुधार और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान के एजेंडे में सबसे ऊपर है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान राजनीतिक स्थिरता बनाए रखने में सफल रहते हैं, तो बांग्लादेश दक्षिण एशिया का ‘इकोनॉमिक टाइगर’ बन सकता है। बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान की नेतृत्व शैली, जो संवाद और समावेशिता पर केंद्रित है, देश को एक नई दिशा दे सकती है।
8. निष्कर्ष: आशा की नई किरण
अंततः, 18 फरवरी 2026 की यह सुबह बांग्लादेश के लिए उम्मीदों से भरी है। बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान का प्रधानमंत्री बनना केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि एक व्यवस्था परिवर्तन की ओर इशारा करता है। जनता ने उन पर जो विश्वास दिखाया है, उस पर खरा उतरना बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान की सबसे बड़ी परीक्षा होगी।
बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान ने साबित कर दिया है कि धैर्य और दृढ़ संकल्प से बड़ी से बड़ी बाधाओं को पार किया जा सकता है। अब देखना यह है कि क्या बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान अपने वादों को हकीकत में बदल पाते हैं और बांग्लादेश को विकास के पथ पर अग्रसर कर पाते हैं।
अधिक जानकारी और पल-पल की खबरों के लिए जुड़े रहें Khabar News के साथ। हम आपको बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान और बांग्लादेश की राजनीति से जुड़ी हर अपडेट सबसे पहले पहुंचाएंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान ने कब शपथ ली?
उत्तर: बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान ने 17 फरवरी 2026 को बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली।
प्रश्न 2: 2026 के चुनाव में बीएनपी को कितनी सीटें मिलीं?
उत्तर: बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बीएनपी ने 200 से अधिक सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत प्राप्त किया।
प्रश्न 3: बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान कितने वर्षों तक निर्वासन में रहे?
उत्तर: बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान लगभग 17 वर्षों तक लंदन में निर्वासन में रहे और दिसंबर 2025 में स्वदेश लौटे।
प्रश्न 4: नई सरकार की मुख्य प्राथमिकता क्या है?
उत्तर: बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान की सरकार की प्राथमिकता कानून का शासन स्थापित करना और अर्थव्यवस्था को सुधारना है।
बांग्लादेश की राजनीति और बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान के बारे में और अधिक जानने के लिए विकिपीडिया पर जाएं।