Share Bazar में भूचाल: 13 फरवरी 2026 की गिरावट और निवेश का ‘Ultimate’ गाइड
Share Bazar (शेयर बाजार) में आज, यानी 13 फरवरी 2026 को जो हलचल मची है, उसने दलाल स्ट्रीट से लेकर आम निवेशकों के पोर्टफोलियो तक सभी को हिलाकर रख दिया है। सेंसेक्स (Sensex) का 772 अंकों का गोता और निफ्टी (Nifty) का 236 अंक टूटकर 25,571 पर खुलना कोई सामान्य घटना नहीं है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इतिहास गवाह है—जब भी शेयर बाजार में खून की नदियां बहती हैं, तभी सबसे बड़े निवेशक अपना साम्राज्य बनाते हैं? आज के इस विस्तृत 2500 शब्दों के गाइड में, हम न केवल आज की खबरों का विश्लेषण करेंगे, बल्कि आपको शेयर बाजार का वह मास्टर प्लान देंगे जो आपको 2026 में वित्तीय स्वतंत्रता दिला सकता है।
1. Share Bazar का आज का हाल: 13 फरवरी 2026 का सच

आज सुबह जब शेयर बाजार खुला, तो मंजर डरावना था। बीएसई सेंसेक्स 82,902 के स्तर पर खुला, जो पिछले बंद से 772 अंक नीचे था। निफ्टी 50 ने भी निराश किया और 25,571 के स्तर पर संघर्ष करता नजर आया। इस गिरावट का मुख्य कारण आईटी सेक्टर (IT Sector) में आई भारी बिकवाली है। Infosys, TCS और Tech Mahindra जैसे दिग्गज शेयरों में लगभग 6% की गिरावट दर्ज की गई।
लेकिन share bazar की फितरत ही यही है—अस्थिरता। ग्लोबल संकेतों की बात करें तो अमेरिकी बाजार नैस्डैक (Nasdaq) में आई गिरावट का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा है। एआई (AI) ट्रेड में मचे घमासान ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। इसके अलावा, एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया (LG Electronics India) का मुनाफा 61% गिरने से उसके शेयरों में 8% की गिरावट आई, जिसने बाजार के मूड को और खराब किया।
हालांकि, हर गिरावट एक मौका होती है। शेयर बाजार के अनुभवी खिलाड़ी जानते हैं कि “Buy the Dip” (गिरावट में खरीदारी) ही अमीर बनने का मूल मंत्र है। इस गाइड में हम जानेंगे कि कैसे आप इस अस्थिरता को अपने फायदे में बदल सकते हैं।
2. Share Bazar का इतिहास: उतार-चढ़ाव की दास्तां
भारतीय शेयर बाजार का इतिहास 140 साल से भी पुराना है। 1875 में बरगद के पेड़ के नीचे शुरू हुआ बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) आज एशिया का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज है। 1992 में हर्षद मेहता स्कैम के बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की स्थापना हुई, जिसने share bazar को एक नई पारदर्शिता और तकनीक दी।
अगर हम इतिहास के पन्ने पलटें, तो पाएंगे कि शेयर बाजार ने कई बड़े क्रैश देखे हैं:
- 1992 का क्रैश: हर्षद मेहता स्कैम के बाद बाजार अर्श से फर्श पर आ गया था।
- 2008 की मंदी: ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस ने शेयर बाजार को 60% तक तोड़ दिया था।
- 2020 का कोविड क्रैश: निफ्टी 7,500 के स्तर तक गिर गया था।
लेकिन मजे की बात यह है कि हर क्रैश के बाद share bazar ने नई ऊंचाइयों को छुआ है। 2020 में जिन्होंने डरकर अपने शेयर बेच दिए, वे पछताए, और जिन्होंने हिम्मत दिखाकर निवेश किया, आज वे कई गुना मुनाफे में हैं। आज 2026 में, जब सेंसेक्स 82,000 के पार है, यह साबित करता है कि लंबी अवधि में शेयर बाजार हमेशा ऊपर ही जाता है।
इसलिए, 13 फरवरी 2026 की यह गिरावट share bazar की लंबी यात्रा का महज एक छोटा सा स्पीड ब्रेकर है। नए निवेशकों को इससे डरने के बजाय इसे शेयर बाजार की कार्यप्रणाली का हिस्सा समझना चाहिए।
3. Share Bazar का डीप एनालिसिस (Deep Analysis): गिरावट के 5 बड़े कारण
आइए, आज की गिरावट की गहराई से पड़ताल करें और समझें कि शेयर बाजार आज क्यों लाल निशान में है।
(क) आईटी सेक्टर का दबाव
भारतीय share bazar में आईटी कंपनियों का बड़ा वजन है। अमेरिका में मंदी की आहट और एआई (Artificial Intelligence) को लेकर अनिश्चितता ने आईटी शेयरों को प्रभावित किया है। जब टीसीएस और इंफोसिस जैसे दिग्गज गिरते हैं, तो पूरा शेयर बाजार हिल जाता है।
(ख) वैश्विक संकेत (Global Cues)
आज की दुनिया जुड़ी हुई है। अगर अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ती हैं या वहां का बाजार गिरता है, तो भारतीय शेयर बाजार अछूता नहीं रह सकता। 13 फरवरी को नैस्डैक में भारी गिरावट ने भारतीय निवेशकों का मनोबल तोड़ दिया।
(ग) नतीजों का मौसम (Quarterly Results)
कई बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे। जैसे एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया का मुनाफा 61% गिरना। जब कंपनियों की कमाई घटती है, तो उसका सीधा असर उनके शेयर प्राइस और अंततः शेयर बाजार के सूचकांक पर पड़ता है।
(घ) आरबीआई और ब्याज दरें
हालांकि आरबीआई (RBI) ने रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखा है (जैसा कि कुछ रिपोर्टों में अनुमानित है), लेकिन महंगाई के आंकड़े अभी भी चिंता का विषय बने हुए हैं। शेयर बाजार हमेशा ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील होता है। सस्ती ब्याज दरें बाजार को ऊपर ले जाती हैं, जबकि महंगी दरें लिक्विडिटी चूस लेती हैं।
(ङ) विदेशी निवेशकों (FIIs) की बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) भारतीय share bazar के सबसे बड़े चालक हैं। पिछले कुछ सत्रों में उनकी लगातार बिकवाली ने बाजार पर दबाव बनाया है। जब विदेशी पैसा बाहर जाता है, तो share bazar में गिरावट आना तय है।
4. तकनीकी विश्लेषण और डेटा (Technical Analysis & Data)
अब थोड़ा तकनीकी होते हैं। एक स्मार्ट निवेशक के लिए केवल खबरें काफी नहीं होतीं, उसे डेटा देखना आना चाहिए।
Nifty 50 का विश्लेषण:
आज निफ्टी 25,571 पर खुला। तकनीकी चार्ट पर, 25,500 एक मजबूत सपोर्ट लेवल (Support Level) है। अगर share bazar इस स्तर को तोड़ता है, तो अगला सपोर्ट 25,200 पर हो सकता है। लेकिन अगर यहां से रिकवरी आती है, तो हम जल्द ही 26,000 का स्तर दोबारा देख सकते हैं।
BHEL OFS (Offer For Sale):
आज की एक और बड़ी खबर BHEL का ओएफएस है। सरकार अपनी हिस्सेदारी 8% डिस्काउंट पर बेच रही है। यह उन निवेशकों के लिए एक बेहतरीन मौका है जो सरकारी कंपनियों (PSUs) में विश्वास रखते हैं। Share bazar में ऐसे मौके कम ही मिलते हैं जब ब्लू-चिप कंपनियां डिस्काउंट पर मिलें।
KPR Mill Dividend:
डिविडेंड (Dividend) निवेशकों के लिए share bazar से नियमित आय का स्रोत है। KPR Mill ने डिविडेंड की घोषणा की है, जिसकी रिकॉर्ड डेट 14 फरवरी से पहले है। ऐसे डिविडेंड वाले शेयर गिरते बाजार में आपके पोर्टफोलियो को सुरक्षा प्रदान करते हैं।
इस तकनीकी डेटा का निष्कर्ष यह है कि share bazar अभी “Oversold” ज़ोन में जा सकता है, जो कि खरीदारी का संकेत है।
5. Share Bazar का आम आदमी पर प्रभाव
अक्सर लोग सोचते हैं कि share bazar की गिरावट का असर सिर्फ अमीर व्यापारियों पर पड़ता है। यह एक मिथक है। आज के डिजिटल युग में, share bazar हर आम आदमी की जेब से जुड़ा है।
म्यूचुअल फंड्स (Mutual Funds):
भारत में करोड़ों लोग SIP (Systematic Investment Plan) के जरिए निवेश करते हैं। जब share bazar गिरता है, तो आपकी म्यूचुअल फंड की एनएवी (NAV) कम हो जाती है। लेकिन घबराएं नहीं, कम एनएवी का मतलब है कि आपको उसी पैसे में ज्यादा यूनिट्स मिलेंगी। यह लंबी अवधि में फायदेमंद है।
पेंशन फंड्स (NPS/EPF):
आपका पीएफ और एनपीएस का पैसा भी आंशिक रूप से share bazar में निवेशित होता है। बाजार का प्रदर्शन सीधे आपकी रिटायरमेंट राशि को प्रभावित करता है। इसलिए, share bazar की समझ होना हर नौकरीपेशा व्यक्ति के लिए जरूरी है।
महंगाई और क्रय शक्ति:
Share bazar अर्थव्यवस्था का बैरोमीटर है। अगर बाजार लगातार गिरता है, तो कंपनियों के पास विस्तार के लिए पूंजी की कमी हो जाती है, जिससे रोजगार और वेतन वृद्धि पर असर पड़ सकता है।
6. तुलनात्मक अध्ययन: Share Bazar vs Gold vs FD
13 फरवरी 2026 को सिर्फ share bazar ही नहीं गिरा, बल्कि सोने (Gold) और चांदी (Silver) के भाव में भी भारी गिरावट आई है। सोना 848 रुपये और चांदी 3401 रुपये सस्ती हुई है।
| संपत्ति वर्ग (Asset Class) | जोखिम (Risk) | रिटर्न (Return) | 2026 का आउटलुक |
|---|---|---|---|
| Share Bazar | उच्च (High) | 12-15% (औसत) | लंबी अवधि के लिए सर्वश्रेष्ठ |
| Gold (सोना) | मध्यम (Medium) | 8-10% | सुरक्षित निवेश (Hedge) |
| Fixed Deposit (FD) | निम्न (Low) | 6-7% | महंगाई को मात देने में अक्षम |
जैसा कि आप देख सकते हैं, share bazar अन्य विकल्पों की तुलना में बेहतर रिटर्न देने की क्षमता रखता है, बशर्ते आपमें धैर्य हो। एफडी सुरक्षित है, लेकिन यह आपको अमीर नहीं बना सकती। सोना एक अच्छा हेज है, लेकिन असली वेल्थ क्रिएशन share bazar में ही संभव है।
7. Share Bazar में सफलता के 5 सुनहरे नियम
आज की गिरावट के बीच, एक सफल निवेशक बनने के लिए आपको इन नियमों का पालन करना चाहिए। याद रखें, share bazar जुआ नहीं, बल्कि एक विज्ञान है।
- रिसर्च के बिना निवेश न करें: किसी के कहने पर या टीवी पर खबर देखकर पैसा न लगाएं। कंपनी के फंडामेंटल्स की जांच करें।
- विविधीकरण (Diversification): अपना सारा पैसा एक ही शेयर में न डालें। अलग-अलग सेक्टरों में निवेश करें ताकि अगर एक सेक्टर (जैसे आज IT) गिरे, तो दूसरा (जैसे बैंकिंग) संभाल ले।
- भावुक न हों: Share bazar में डर और लालच सबसे बड़े दुश्मन हैं। गिरावट में डरकर बेचें नहीं और तेजी में लालच में आकर महंगे शेयर न खरीदें।
- लॉन्ग टर्म सोचें: वारेन बफेट ने कहा है, “अगर आप शेयर को 10 साल तक रखने की सोच नहीं सकते, तो उसे 10 मिनट के लिए भी न सोचें।” Share bazar समय देने वालों को पुरस्कृत करता है।
- Stop Loss का उपयोग करें: अगर आप ट्रेडिंग करते हैं, तो स्टॉप लॉस के बिना कभी share bazar में न उतरें। यह आपकी पूंजी की सुरक्षा करता है।
8. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: क्या आज Share Bazar में निवेश करने का सही समय है?
उत्तर: जी हां, ऐतिहासिक डेटा बताता है कि जब share bazar में भारी गिरावट (Crash) होती है, तो वह ब्लू-चिप स्टॉक्स खरीदने का सबसे अच्छा समय होता है। इसे “Sale” की तरह देखें।
प्रश्न 2: Share Bazar में शुरुआत करने के लिए कम से कम कितने पैसे चाहिए?
उत्तर: आप share bazar में मात्र 500 रुपये से भी शुरुआत कर सकते हैं। एसआईपी (SIP) के जरिए आप छोटी रकम से बड़ा कॉर्पस बना सकते हैं।
प्रश्न 3: 13 फरवरी 2026 को कौन से सेक्टर गिरे हैं?
उत्तर: आज मुख्य रूप से आईटी (Information Technology) और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में गिरावट देखी गई है। टेक महिंद्रा और इंफोसिस जैसे share bazar के दिग्गजों को चोट पहुंची है।
प्रश्न 4: Demat Account क्या है और Share Bazar के लिए यह क्यों जरूरी है?
उत्तर: जैसे पैसे रखने के लिए बैंक अकाउंट होता है, वैसे ही शेयर रखने के लिए डीमैट अकाउंट (Demat Account) होता है। बिना इसके आप share bazar में कारोबार नहीं कर सकते।
प्रश्न 5: क्या Share Bazar में मेरा पैसा डूब सकता है?
उत्तर: हां, share bazar जोखिमों के अधीन है। अगर आप बिना जानकारी के पेन स्टॉक्स (Penny Stocks) में पैसा लगाते हैं, तो पैसा डूब सकता है। लेकिन समझदारी से किया गया निवेश हमेशा बढ़ता है।
प्रश्न 6: सेंसेक्स और निफ्टी में क्या अंतर है?
उत्तर: सेंसेक्स बीएसई (BSE) का सूचकांक है जिसमें 30 बड़ी कंपनियां हैं, जबकि निफ्टी एनएसई (NSE) का सूचकांक है जिसमें 50 बड़ी कंपनियां शामिल हैं। ये दोनों share bazar की दिशा बताते हैं।
प्रश्न 7: इंट्राडे ट्रेडिंग (Intraday Trading) क्या है?
उत्तर: जब आप एक ही दिन में शेयर खरीदते और बेचते हैं, तो उसे इंट्राडे ट्रेडिंग कहते हैं। यह share bazar में त्वरित लाभ के लिए किया जाता है लेकिन इसमें जोखिम बहुत अधिक होता है।
प्रश्न 8: 2026 में Share Bazar का भविष्य कैसा दिख रहा है?
उत्तर: विशेषज्ञों के अनुसार, भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव के कारण 2026 के अंत तक share bazar नई ऊंचाइयों को छू सकता है। सेंसेक्स 1 लाख के स्तर की ओर बढ़ रहा है।
प्रश्न 9: BHEL के शेयर में गिरावट क्यों आई?
उत्तर: BHEL में सरकार द्वारा OFS (Offer For Sale) लाने के कारण गिरावट आई है, क्योंकि ओएफएस का फ्लोर प्राइस अक्सर बाजार भाव से कम होता है।
प्रश्न 10: Share Bazar की खबरें सबसे पहले कहां देखें?
उत्तर: आप Khabar News जैसी विश्वसनीय वेबसाइटों पर share bazar की पल-पल की खबरें देख सकते हैं।
9. 2026 के लिए “Share Bazar” के हॉट सेक्टर
भले ही आज गिरावट है, लेकिन भविष्य उज्ज्वल है। 2026 में share bazar में इन सेक्टर्स पर नजर रखें:
- Green Energy (हरित ऊर्जा): सरकार के बजट में ग्रीन एनर्जी पर जोर देने से टाटा पावर और अडानी ग्रीन जैसे स्टॉक्स चमक सकते हैं।
- Banking & Finance: बढ़ती क्रेडिट डिमांड के कारण बैंकिंग शेयर share bazar के लीडर बने रहेंगे।
- Infrastructure: भारत के निर्माण कार्य में लगी कंपनियां (जैसे L&T) अच्छा प्रदर्शन करेंगी।
- Artificial Intelligence (AI): भले ही अभी करेक्शन है, लेकिन एआई ही भविष्य है। इस गिरावट में एआई से जुड़ी कंपनियों को पोर्टफोलियो में जोड़ें।
निष्कर्ष (Conclusion)
13 फरवरी 2026 का दिन share bazar के इतिहास में एक और महत्वपूर्ण तारीख के रूप में दर्ज हो गया है। 772 अंकों की गिरावट डरावनी लग सकती है, लेकिन एक चतुर निवेशक के लिए यह “दिवाली सेल” जैसी है। Share bazar ने हमेशा उन लोगों को पुरस्कृत किया है जिन्होंने डर पर काबू पाया और अनुशासन के साथ निवेश किया।
चाहे आप नए हों या अनुभवी, share bazar में सीखने की प्रक्रिया कभी खत्म नहीं होती। आज की गिरावट से सबक लें, अच्छी कंपनियों के शेयर चुनें और लंबी अवधि के लिए बने रहें। याद रखें, रोम एक दिन में नहीं बना था, और न ही share bazar से दौलत एक रात में बनती है। धैर्य, अनुशासन और सही ज्ञान ही आपकी सफलता की कुंजी है।
अगर आप share bazar की हर हलचल पर पैनी नजर रखना चाहते हैं और ऐसे ही विश्लेषण पढ़ना चाहते हैं, तो हमारी वेबसाइट Khabar News को बुकमार्क करें। सही जानकारी ही सही निवेश का आधार है।
जय हिंद, जय निवेश!