Indian share market के इतिहास में आज, यानी 3 फरवरी 2026 का दिन सुनहरे अक्षरों में लिखा जा सकता है। अमेरिका और भारत के बीच हुए ऐतिहासिक व्यापार समझौते (Trade Deal) के बाद बाजार में एक जबरदस्त भूचाल (Positive Surge) आने की संभावना है। जहाँ एक तरफ बजट के बाद बाजार में अस्थिरता थी, वहीं अब वैश्विक संकेतों ने निवेशकों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है।
GIFT Nifty दे रहा है 800 अंकों की बढ़त का संकेत

बाजार खुलने से पहले ही शुभ संकेत मिल चुके हैं। GIFT Nifty ने लगभग 800 अंकों की भारी छलांग लगाई है और यह 25,898 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। यह उछाल सीधे तौर पर indian share market में एक गैप-अप ओपनिंग (Gap-Up Opening) की ओर इशारा कर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि निफ्टी 50 आज 25,500 के महत्वपूर्ण स्तर को आसानी से पार कर सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारतीय सामानों पर टैरिफ घटाने की घोषणा ने बाजार में नई जान फूंक दी है।
India-US Trade Deal: बाजार के लिए ‘Miracle’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच हुई बातचीत के बाद एक बड़ी घोषणा सामने आई है। अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर पारस्परिक टैरिफ (Reciprocal Tariffs) को 25% से घटाकर 18% कर दिया है। यह खबर indian share market के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है।
- IT सेक्टर को लाभ: इस डील से भारतीय IT कंपनियों को सीधा फायदा होगा, जिससे उनके शेयरों में आज भारी खरीदारी दिख सकती है।
- निर्यात (Export) में बढ़ोतरी: टैरिफ कम होने से टेक्सटाइल और फार्मा जैसे सेक्टर्स को अमेरिका में व्यापार करना आसान होगा।
- रूसी तेल पर राहत: रूसी कच्चे तेल की खरीद से जुड़े अतिरिक्त 25% शुल्क को भी समाप्त कर दिया गया है।
बजट के झटके से कैसे उबरा Indian Share Market?
1 फरवरी को पेश हुए केंद्रीय बजट (Union Budget 2026-27) में F&O पर STT (Securities Transaction Tax) बढ़ाए जाने के बाद बाजार धड़ाम से गिरा था। सेंसेक्स 1800 अंक तक टूट गया था। लेकिन निवेशकों ने हार नहीं मानी और अगले ही दिन, यानी 2 फरवरी को बाजार ने शानदार वापसी की।
सोमवार को सेंसेक्स 943.52 अंकों की बढ़त के साथ 81,666.46 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 262.95 अंक चढ़कर 25,088.40 पर पहुँच गया। यह रिकवरी यह साबित करती है कि indian share market की नींव कितनी मजबूत है। आप ताज़ा अपडेट्स के लिए Khabar News के होम पेज पर भी जा सकते हैं।
आज किन सेक्टर्स पर रहेगी नज़र?
आज के ट्रेडिंग सेशन में कुछ विशेष सेक्टर्स indian share market की दिशा तय करेंगे। निवेशकों को इन पर खास ध्यान देना चाहिए:
1. Information Technology (IT)
अमेरिका के साथ बेहतर संबंधों और टैरिफ में कटौती का सीधा असर TCS, Infosys और HCL Tech जैसे दिग्गजों पर पड़ेगा। NASDAQ में आई तेजी भी भारतीय IT शेयरों को ऊपर खींचेगी।
2. Banking & Finance
HDFC Bank और ICICI Bank जैसे बड़े शेयर बाजार को सहारा दे सकते हैं। विदेशी निवेशकों (FIIs) की बिकवाली के बावजूद घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) का भरोसा कायम है, जो indian share market के लिए शुभ संकेत है।
3. Auto Sector
Tata Motors और Mahindra जैसी कंपनियों ने हाल ही में मजबूत बिक्री के आंकड़े पेश किए हैं। बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर दिए जाने से कमर्शियल वाहनों की मांग बढ़ने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों की राय: क्या है आगे की राह?
बाजार के दिग्गज विश्लेषकों का कहना है कि indian share market अब एक नई रैली के लिए तैयार है। HDFC Securities के अनुसार, निफ्टी ने बजट वाले दिन की गिरावट का 61.8% हिस्सा रिकवर कर लिया है। यदि निफ्टी 25,150 के ऊपर टिकने में कामयाब होता है, तो हम जल्द ही 26,000 का स्तर भी देख सकते हैं।
अधिक जानकारी के लिए आप BSE Sensex Wikipedia और Reuters India की रिपोर्ट्स पढ़ सकते हैं।
निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
भले ही माहौल सकारात्मक है, लेकिन indian share market में निवेश करते समय सावधानी बरतना भी ज़रूरी है।
- Volatility (उतार-चढ़ाव): आज बाजार में भारी उतार-चढ़ाव हो सकता है, इसलिए स्टॉप-लॉस (Stop-Loss) का पालन करें।
- Global Cues: एशियाई बाजारों में भी तेजी है, लेकिन अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों पर नज़र बनाए रखें।
- Silver Crash: ध्यान दें कि चांदी की कीमतों में हाल ही में भारी गिरावट आई है, जो कमोडिटी निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकती है।
निष्कर्ष: एक नई शुरुआत
आज का दिन indian share market के लिए ‘Super Tuesday’ साबित हो सकता है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील और बजट के बाद की रिकवरी ने बुल्स (Bulls) को वापस ड्राइविंग सीट पर बैठा दिया है। क्या सेंसक्स आज अपना ऑल-टाइम हाई तोड़ेगा? यह देखना दिलचस्प होगा।
निवेशक अब लंबी अवधि के नजरिए से क्वालिटी शेयरों में खरीदारी कर रहे हैं। indian share market की यह चाल बताती है कि भारत की आर्थिक स्थिति वैश्विक चुनौतियों के बावजूद मजबूत बनी हुई है।