NASA Artemis Rocket Launch: आज, 3 फरवरी 2026 को अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया से एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। नासा (NASA) ने अपने ऐतिहासिक मून मिशन, आर्टेमिस II (Artemis II) के प्रक्षेपण को लेकर एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर में आयोजित वेट ड्रेस रिहर्सल (Wet Dress Rehearsal) के पूरा होने के बाद, एजेंसी ने पुष्टि की है कि अब यह ऐतिहासिक nasa artemis rocket launch मार्च 2026 में किया जाएगा।
यद्यपि इसे थोड़ी देरी माना जा सकता है, लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है कि यह सुरक्षा और सफलता की दिशा में एक ‘ममत्वपूर्ण कदम’ है।
इस विस्तृत गाइड में, हम आपको आज की ब्रेकिंग न्यूज़, लॉन्च में देरी के कारण, और भविष्य की योजनाओं के बारे में गहराई से बताएंगे। यह nasa artemis rocket launch केवल एक उड़ान नहीं है, बल्कि मानवता के लिए चंद्रमा पर वापसी का एक सुनहरा द्वार है।
NASA Artemis Rocket Launch: ताज़ा स्थिति और मार्च 2026 का लक्ष्य

नासा ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि आर्टेमिस II का nasa artemis rocket launch, जो पहले 8 फरवरी 2026 के लिए लक्षित था, अब मार्च 2026 तक के लिए पुनर्निर्धारित किया गया है। यह निर्णय 2 फरवरी को समाप्त हुए महत्वपूर्ण वेट ड्रेस रिहर्सल के बाद लिया गया। नासा के प्रशासकों और मिशन प्रबंधकों ने डेटा की समीक्षा के बाद यह कदम उठाया है ताकि अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा सके।
इस मिशन का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि अपोलो मिशन के बाद यह पहला मौका होगा जब इंसान चंद्रमा की कक्षा में जाएगा। Nasa artemis rocket launch की यह देरी किसी विफलता का संकेत नहीं, बल्कि नासा की उस प्रतिबद्धता का प्रमाण है जो वे क्रिस्टिना कोच, विक्टर ग्लोवर, रीड वाइसमैन और जेरेमी हैंसन की सुरक्षा के प्रति रखते हैं।
वेट ड्रेस रिहर्सल में क्या हुआ?
वेट ड्रेस रिहर्सल (Wet Dress Rehearsal) किसी भी रॉकेट लॉन्च से पहले की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षा होती है। 31 जनवरी से 2 फरवरी 2026 के बीच चले इस परीक्षण में नासा की टीमों ने एसएलएस (SLS) रॉकेट में 700,000 गैलन से अधिक सुपर-कोल्ड लिक्विड हाइड्रोजन और ऑक्सीजन भरा। इस दौरान nasa artemis rocket launch की पूरी प्रक्रिया का अनुकरण (simulation) किया गया।
- सफलता: इंजीनियरों ने क्रायोजेनिक प्रोपेलेंट लोडिंग को सफलतापूर्वक पूरा किया और काउंटडाउन का अभ्यास किया।
- चुनौतियां: रिहर्सल के दौरान लिक्विड हाइड्रोजन का रिसाव (leak) और ओरियन क्रू मॉड्यूल हैच (Orion Crew Module Hatch) के वाल्व में समस्या पाई गई।
इन तकनीकी ग्लिच के कारण ही nasa artemis rocket launch को कुछ हफ्तों के लिए आगे बढ़ाया गया है। यह वही एसएलएस रॉकेट है जो दुनिया का सबसे शक्तिशाली रॉकेट माना जाता है, और नासा इसमें कोई भी जोखिम नहीं लेना चाहता।
NASA Artemis Rocket Launch में देरी: सुरक्षा सबसे पहले
नासा के लिए हमेशा से ‘सेफ्टी फर्स्ट’ (Safety First) का मंत्र रहा है। जब हम nasa artemis rocket launch की बात करते हैं, तो हम चार मानव जिंदगियों की बात कर रहे होते हैं। रिहर्सल के दौरान पाई गई समस्याओं को लॉन्च पैड पर ही ठीक करना, अंतरिक्ष में किसी दुर्घटना का सामना करने से कहीं बेहतर है।
विशेषज्ञों के अनुसार, हाइड्रोजन लीक एसएलएस रॉकेट के लिए एक सामान्य चुनौती रही है, जिसे आर्टेमिस I के दौरान भी देखा गया था। लेकिन अच्छी खबर यह है कि नासा के इंजीनियर अब इन समस्याओं को पहचानने और ठीक करने में बेहद कुशल हो चुके हैं। मार्च 2026 का nasa artemis rocket launch अब और भी अधिक सुरक्षित और पुख्ता होने की उम्मीद है।
अधिक जानकारी के लिए आप NASA की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं, जहां मिशन की पल-पल की अपडेट दी जा रही है।
अंतरिक्ष यात्रियों पर प्रभाव: क्वारंटाइन से मिली राहत
इस देरी का सीधा असर आर्टेमिस II के क्रू पर पड़ा है। Nasa artemis rocket launch के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत, चारों अंतरिक्ष यात्री जनवरी के अंत से ही ह्यूस्टन में क्वारंटाइन (Quarantine) में थे। लॉन्च मार्च में शिफ्ट होने के कारण, उन्हें अब क्वारंटाइन से बाहर आने की अनुमति दे दी गई है।
कमांडर रीड वाइसमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, और मिशन विशेषज्ञ क्रिस्टिना कोच व जेरेमी हैंसन अब अपने परिवारों के साथ कुछ अतिरिक्त समय बिता सकेंगे। वे लॉन्च से ठीक दो सप्ताह पहले दोबारा क्वारंटाइन में जाएंगे। यह उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए एक सकारात्मक ब्रेक हो सकता है, जिससे वे आगामी nasa artemis rocket launch के लिए और अधिक तरोताजा महसूस करेंगे।
SpaceX Starship और Artemis III: भविष्य की तैयारी
सिर्फ आर्टेमिस II ही नहीं, बल्कि आर्टेमिस III पर भी सबकी निगाहें टिकी हैं। Nasa artemis rocket launch की श्रृंखला में अगला कदम आर्टेमिस III है, जिसका लक्ष्य 2026 के अंत तक या 2027 की शुरुआत में मनुष्यों को चंद्रमा की सतह पर उतारना है। इसमें स्पेसएक्स (SpaceX) का स्टारशिप ह्यूमन लैंडिंग सिस्टम (HLS) एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
ताज़ा रिपोर्ट्स के अनुसार, स्पेसएक्स अपने स्टारशिप रॉकेट के ब्लॉक 3 डिज़ाइन पर तेज़ी से काम कर रहा है। 2026 की पहली तिमाही में स्टारशिप की कई परीक्षण उड़ानें निर्धारित हैं। यदि आर्टेमिस II का nasa artemis rocket launch मार्च में सफल होता है, तो यह आर्टेमिस III के लिए रास्ता साफ कर देगा।
अंतरिक्ष अन्वेषण के बारे में और अधिक पढ़ने के लिए, आप विकिपीडिया पर आर्टेमिस प्रोग्राम का विस्तृत लेख देख सकते हैं।
मार्च 2026 के लॉन्च से क्या उम्मीदें हैं?
मार्च 2026 में होने वाला nasa artemis rocket launch कई मायनों में ऐतिहासिक होगा। यह मिशन लगभग 10 दिनों तक चलेगा और इसमें ओरियन अंतरिक्ष यान चंद्रमा के पीछे से होकर गुजरेगा। यह ‘फ्री-रिटर्न प्रक्षेपवक्र’ (free-return trajectory) का उपयोग करेगा, जो गुरुत्वाकर्षण का उपयोग करके यान को वापस पृथ्वी की ओर धकेलेगा।
मिशन की मुख्य विशेषताएं:
- रिकॉर्ड दूरी: यह मिशन किसी भी मानव-युक्त यान द्वारा पृथ्वी से सबसे दूर जाने का रिकॉर्ड बनाएगा।
- विविधता: पहली बार कोई महिला (क्रिस्टिना कोच) और अश्वेत व्यक्ति (विक्टर ग्लोवर) चंद्रमा की यात्रा करेंगे।
- अंतर्राष्ट्रीय सहयोग: कनाडाई अंतरिक्ष यात्री जेरेमी हैंसन की भागीदारी इसे एक वैश्विक प्रयास बनाती है।
इस nasa artemis rocket launch की सफलता भविष्य के मंगल मिशनों (Mars Missions) के लिए भी आधारशिला रखेगी।
तकनीकी विश्लेषण: SLS रॉकेट और ओरियन कैप्सूल
स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) नासा का अब तक का सबसे शक्तिशाली रॉकेट है। यह 322 फीट ऊंचा है और लॉन्च के समय 8.8 मिलियन पाउंड का थ्रस्ट पैदा करता है। Nasa artemis rocket launch के दौरान, यह भारी-भरकम ओरियन कैप्सूल को अंतरिक्ष में धकेलेगा।
ओरियन कैप्सूल को विशेष रूप से गहरे अंतरिक्ष (Deep Space) में मानव जीवन को सुरक्षित रखने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसमें उन्नत लाइफ सपोर्ट सिस्टम, रेडिएशन से बचाव, और अत्याधुनिक नेविगेशन सिस्टम लगे हैं। मार्च में होने वाले nasa artemis rocket launch में इन सभी प्रणालियों की वास्तविक परीक्षा होगी।
तकनीकी विवरण और रॉकेट विज्ञान की ताज़ा खबरों के लिए आप Khabar News India पर हमारे विज्ञान अनुभाग को देख सकते हैं।
मौसम और लॉन्च विंडो की चुनौतियां
फ्लोरिडा का मौसम हमेशा से ही रॉकेट लॉन्च के लिए एक चुनौती रहा है। फरवरी की शुरुआत में ठंड और हवाओं ने वेट ड्रेस रिहर्सल में बाधा डाली थी, जो nasa artemis rocket launch में देरी का एक कारण बना। मार्च का मौसम आमतौर पर थोड़ा अधिक अनुकूल होता है, जिससे लॉन्च की संभावना बढ़ जाती है।
नासा के पास मार्च में लॉन्च के लिए कई ‘विंडोज़’ (Windows) उपलब्ध हैं। ये वे समय सीमाएं हैं जब पृथ्वी और चंद्रमा की स्थिति एक सफल मिशन के लिए पूरी तरह से संरेखित (aligned) होती है। टीम अब इन तिथियों का बारीकी से विश्लेषण कर रही है ताकि अगला nasa artemis rocket launch बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके।
वैश्विक प्रतिक्रिया और उत्साह
पूरी दुनिया की निगाहें इस मिशन पर टिकी हैं। बीबीसी (BBC) और रायटर्स (Reuters) जैसी बड़ी समाचार एजेंसियों ने इसे “दशकों का सबसे रोमांचक अंतरिक्ष मिशन” करार दिया है। सोशल मीडिया पर #Artemis और #NASAArtemisRocketLaunch ट्रेंड कर रहे हैं।
भारत में भी इसको लेकर खासा उत्साह है। इसरो (ISRO) के वैज्ञानिकों ने नासा को शुभकामनाएं भेजी हैं, क्योंकि चंद्रयान-3 की सफलता के बाद भारत भी आर्टेमिस अकॉर्ड्स (Artemis Accords) का हिस्सा है। मार्च में होने वाला nasa artemis rocket launch भारत और पूरी दुनिया के लिए एक उत्सव जैसा होगा।
आप वैश्विक प्रतिक्रियाओं को BBC Science News पर विस्तार से पढ़ सकते हैं।
निष्कर्ष: मानवता की एक नई छलांग
अंत में, 3 फरवरी 2026 की यह खबर भले ही थोड़ी निराशाजनक लग सकती है कि हमें लॉन्च के लिए एक महीना और इंतजार करना होगा, लेकिन बड़ी तस्वीर बहुत उज्ज्वल है। Nasa artemis rocket launch में देरी का मतलब है कि नासा पूर्णता (perfection) की ओर बढ़ रहा है। मार्च 2026 वह समय होगा जब हम इतिहास बनते देखेंगे।
यह मिशन केवल चंद्रमा पर जाने के बारे में नहीं है; यह विज्ञान, साहस और मानवीय जिज्ञासा की जीत है। हम सभी को मार्च के उस दिन का बेसब्री से इंतजार है जब nasa artemis rocket launch आसमान को चीरते हुए सितारों की ओर बढ़ेगा। तब तक, नासा के इंजीनियर अपनी अंतिम तैयारियों में जुटे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह उड़ान हर मायने में सफल हो।