UPI MDR Charges: 15 अक्टूबर से
UPI MDR Charges – अगर आप रोजाना Google Pay, PhonePe, Paytm या किसी दूसरे UPI ऐप से पेमेंट करते हैं तो आने वाले दिनों में UPI को लेकर एक बड़ा बदलाव होने वाला है। खासकर उन लोगों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है जो दुकानों, शॉपिंग वेबसाइट, पेट्रोल पंप, रेलवे, बीमा या दूसरी सेवाओं के लिए UPI से भुगतान करते हैं।

कई लोगों को लग रहा है कि अब ₹2,000 से ज्यादा UPI भेजने पर आम ग्राहक को चार्ज देना पड़ेगा। लेकिन ऐसा नहीं है। नए नियम में Person-to-Person यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को किए जाने वाले UPI भुगतान पर MDR नहीं लगाया जाएगा। ₹2,000 से अधिक की राशि किसी दोस्त, रिश्तेदार या दूसरे व्यक्ति को भेजने पर भी यह नया MDR लागू नहीं होगा।
सबसे ज्यादा चर्चा UPI MDR Charges को लेकर हो रही है।
असल बदलाव Person-to-Merchant यानी दुकान या कारोबारी को किए जाने वाले कुछ UPI भुगतानों से जुड़ा है।
तो आखिर नया नियम क्या है, MDR कितना होगा, पैसा कौन देगा और आम ग्राहक पर इसका क्या असर पड़ेगा? आइए आसान भाषा में पूरी जानकारी समझते हैं।
UPI MDR क्या होता है?
MDR का पूरा नाम Merchant Discount Rate है।
जब कोई ग्राहक किसी व्यापारी को डिजिटल माध्यम से भुगतान करता है, तो उस भुगतान को प्रोसेस करने के पीछे बैंक, पेमेंट ऐप और अन्य पेमेंट सिस्टम से जुड़े संस्थान काम करते हैं।
इन सेवाओं से जुड़ी लागत के लिए व्यापारी स्तर पर लिया जाने वाला शुल्क MDR कहलाता है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि MDR को ग्राहक से लिया जाने वाला सामान्य UPI चार्ज समझना सही नहीं है।
नए ढांचे में MDR व्यापारी भुगतान व्यवस्था के भीतर लागू होगा और सरकार ने स्पष्ट किया है कि ग्राहक से अलग से यह शुल्क वसूलने की अनुमति नहीं होगी।
15 अक्टूबर 2026 से क्या बदलेगा?
नए नियम के अनुसार 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के पात्र Person-to-Merchant UPI Transactions पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होगा।
यह शुल्क व्यापारी की ओर से वहन किया जाएगा।
उदाहरण से समझिए।
अगर किसी ग्राहक ने किसी व्यापारी को UPI के माध्यम से ₹3,000 का भुगतान किया तो 0.4 प्रतिशत के हिसाब से MDR ₹12 होगा।
अगर भुगतान ₹10,000 है तो MDR ₹40 होगा।
अगर भुगतान ₹50,000 है तो 0.4 प्रतिशत के हिसाब से ₹200 होगा।
और ₹75,000 या उससे अधिक के लेन-देन पर MDR की अधिकतम सीमा ₹300 प्रति ट्रांजैक्शन रखी गई है। यानी 0.4 प्रतिशत की गणना ₹300 से ज्यादा होने पर भी MDR ₹300 से अधिक नहीं होगा।
एक आसान उदाहरण
| UPI Payment | 0.4% MDR |
|---|---|
| ₹2,000 | MDR नहीं |
| ₹3,000 | ₹12 |
| ₹5,000 | ₹20 |
| ₹10,000 | ₹40 |
| ₹25,000 | ₹100 |
| ₹50,000 | ₹200 |
| ₹75,000 | ₹300 |
| ₹1,00,000 | अधिकतम ₹300 |
ध्यान रखें कि यह उदाहरण सामान्य 0.4% MDR वाले पात्र व्यापारी लेन-देन को समझाने के लिए है। कुछ विशेष श्रेणियों के लिए अलग शुल्क संरचना है।
क्या ₹2,000 से ज्यादा UPI भेजने पर ग्राहक से पैसे कटेंगे?
नहीं।
यह शायद इस पूरे बदलाव से जुड़ा सबसे महत्वपूर्ण सवाल है।
अगर आप अपने दोस्त, भाई, बहन, माता-पिता या किसी अन्य व्यक्ति को ₹5,000 UPI से भेजते हैं तो सिर्फ इसलिए कोई MDR नहीं लगेगा कि रकम ₹2,000 से अधिक है।
सरकार के अनुसार Person-to-Person यानी P2P UPI Transactions पूरी तरह मुफ्त रहेंगे, चाहे भुगतान की राशि कितनी भी हो।
इसी तरह पात्र व्यापारी को ₹2,000 तक किए जाने वाले UPI भुगतान भी UPI MDR Charges से मुक्त रहेंगे।
इसलिए सोशल मीडिया पर अगर कोई यह कहता है कि “अब ₹2,000 से ज्यादा UPI भेजने पर हर व्यक्ति से चार्ज लिया जाएगा”, तो यह नए नियम की सही व्याख्या नहीं है।
छोटे दुकानदारों को भी MDR देना पड़ेगा?
यहां भी नए नियम में राहत दी गई है।
सरकार ने छोटे व्यापारियों को MDR से बचाने के लिए अलग प्रावधान रखा है।
UPI QR के माध्यम से प्रति महीने ₹1 लाख तक प्राप्त करने वाले पात्र छोटे व्यापारी, जिनमें सड़क किनारे दुकान लगाने वाले, छोटे दुकानदार और स्थानीय कारोबारी शामिल हो सकते हैं, zero-UPI MDR Charges व्यवस्था के अंतर्गत रहेंगे।
इसका मतलब यह हुआ कि हर छोटी दुकान पर ₹2,000 से अधिक के भुगतान पर अपने आप 0.4% UPI MDR Charges लागू नहीं हो जाएगा।
यही व्यवस्था छोटे व्यापारियों को अतिरिक्त भुगतान लागत से बचाने के उद्देश्य से लाई गई है।
क्या किराना दुकान पर ₹3,000 का UPI पेमेंट करने पर UPI MDR Charges लगेगा?
यह व्यापारी की श्रेणी और उसकी पात्रता पर निर्भर करेगा।
अगर व्यापारी नए नियम के अंतर्गत MDR के दायरे में आता है और भुगतान ₹2,000 से अधिक है, तो सामान्य दर 0.4 प्रतिशत हो सकती है।
लेकिन अगर वह पात्र छोटा व्यापारी है और zero-MDR व्यवस्था के तहत आता है, तो उसे MDR नहीं देना होगा।
इसलिए केवल यह देखकर कि पेमेंट ₹2,000 से ज्यादा है, यह मान लेना सही नहीं है कि हर दुकानदार के खाते से MDR काट लिया जाएगा।
पेट्रोल, रेलवे, बीमा और दूसरी सेवाओं का क्या होगा?
कुछ विशेष क्षेत्रों के लिए सामान्य 0.4 प्रतिशत की जगह ₹5 का फ्लैट UPI MDR Charges निर्धारित किया गया है।
इनमें रेलवे, ईंधन, टेलीकॉम, बीमा और कुछ अन्य निर्दिष्ट श्रेणियां शामिल हैं।
उदाहरण के लिए अगर कोई पात्र भुगतान इस विशेष श्रेणी में आता है तो प्रतिशत के हिसाब से बड़ी रकम काटने के बजाय निर्धारित ₹5 का MDR लागू हो सकता है।
यानी नए नियम में सभी प्रकार के UPI Merchant Payments के लिए एक ही चार्ज नहीं रखा गया है।
क्या सरकार UPI पर टैक्स लगा रही है?
यह समझना भी जरूरी है कि UPI MDR Charges को टैक्स समझना सही नहीं है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि MDR कोई सरकारी टैक्स नहीं है। यह पेमेंट इकोसिस्टम के प्रतिभागियों के बीच वितरित होने वाला शुल्क है, जिसका उद्देश्य UPI के संचालन, विस्तार और तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर को समर्थन देना है।
यानी ग्राहक द्वारा भुगतान की जाने वाली वस्तु या सेवा पर सरकार ने अलग से कोई “UPI Tax” नहीं लगाया है।
आखिर UPI MDR Charges क्यों लाया गया?
UPI का इस्तेमाल पिछले कुछ वर्षों में बहुत तेजी से बढ़ा है।
करोड़ों लोग रोजाना UPI का इस्तेमाल करते हैं और इसके पीछे बड़े स्तर पर बैंकिंग और तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर काम करता है।
पेमेंट सिस्टम को सुरक्षित रखना, सर्वर और नेटवर्क को बनाए रखना, साइबर सुरक्षा मजबूत करना और बढ़ते ट्रांजैक्शन वॉल्यूम को संभालना लगातार निवेश मांगता है।
सरकार ने नए ढांचे को UPI के long-term sustainability, technological advancement और resilience से जोड़कर समझाया है।
यानी MDR लागू करने के पीछे मुख्य तर्क यह है कि UPI का इंफ्रास्ट्रक्चर लंबे समय तक मजबूत तरीके से चलता रहे।
क्या दुकानदार ग्राहक से MDR वसूल सकता है?
सरकार ने बैंकों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि नए MDR का बोझ ग्राहक पर न डाला जाए।
इसलिए यदि कोई व्यापारी अलग से यह कहता है कि “UPI से भुगतान करने पर UPI MDR Charges 0.4% अतिरिक्त दो”, तो ग्राहक को यह समझना चाहिए कि MDR मूल रूप से व्यापारी-पक्ष का शुल्क है।
हालांकि वास्तविक स्थिति में किसी व्यापारी द्वारा अलग शुल्क मांगने पर संबंधित नियम और भुगतान सेवा प्रदाता की शिकायत प्रक्रिया देखना जरूरी होगा।
क्या सभी UPI ट्रांजैक्शन पर UPI MDR Charges लगेगा?
नहीं।
यह सबसे महत्वपूर्ण बातों में से एक है।
नए ढांचे के अनुसार:
P2P Payment: मुफ्त रहेगा।
₹2,000 तक का पात्र Merchant Payment: MDR से मुक्त रहेगा।
पात्र छोटे व्यापारी: zero-MDR व्यवस्था के तहत सुरक्षित रहेंगे।
₹2,000 से अधिक के निर्दिष्ट Merchant Payments: 0.4% MDR लागू हो सकता है।
कुछ विशेष श्रेणियां: ₹5 का फ्लैट MDR लागू हो सकता है।
सरकार के अनुसार लगभग 96 प्रतिशत P2M UPI transactions नए MDR से प्रभावित नहीं होंगे।
इसलिए यह कहना कि “अब UPI पर चार्ज लग गया है” पूरी तस्वीर नहीं बताता।
क्या UPI फिर भी आम लोगों के लिए मुफ्त रहेगा?
हां।
आम ग्राहक के लिए UPI इस्तेमाल करने का अनुभव मूल रूप से मुफ्त रखने की व्यवस्था की गई है।
आप किसी व्यक्ति को पैसे भेजते हैं, परिवार के सदस्य को पैसे भेजते हैं या पात्र व्यापारी को ₹2,000 तक भुगतान करते हैं, तो इस नए MDR के कारण ग्राहक से अलग शुल्क नहीं लिया जाना है।
यही वजह है कि इस बदलाव को समझते समय “UPI पर चार्ज” कहने के बजाय “कुछ Merchant Transactions पर MDR” कहना ज्यादा सही है।
व्यापारियों पर क्या असर पड़ेगा?
व्यापारियों के लिए इसका प्रभाव उनके कारोबार और UPI से मिलने वाले भुगतान की मात्रा पर निर्भर करेगा।
जिस व्यापारी का अधिकतर डिजिटल कारोबार छोटे मूल्य के भुगतान से होता है, उस पर प्रभाव सीमित रह सकता है।
दूसरी तरफ जिन व्यापारियों को लगातार बड़ी रकम के UPI Merchant Payments मिलते हैं, उनके लिए MDR एक नया व्यवसायिक खर्च बन सकता है।
हालांकि ₹300 की अधिकतम सीमा और छोटे व्यापारियों के लिए zero-UPI MDR Charges व्यवस्था इस प्रभाव को सीमित करने के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान हैं।
ग्राहक को क्या करना चाहिए?
ग्राहक के लिए सबसे जरूरी बात है कि अफवाहों से बचें।
अगर कोई कहता है कि “₹2,000 से ज्यादा UPI भेजते ही ₹300 कट जाएगा”, तो यह गलत समझ है।
₹300 अधिकतम सीमा है, सामान्य शुल्क नहीं।
इसी तरह ₹2,000 से अधिक का हर UPI भुगतान भी MDR के दायरे में नहीं आता, क्योंकि P2P भुगतान और कई छोटे/निर्दिष्ट व्यापारी भुगतान अलग व्यवस्था में हैं।
निष्कर्ष
UPI MDR को लेकर इस समय सबसे ज्यादा भ्रम यही है कि क्या अब हर UPI पेमेंट पर पैसा कटेगा।
इसका सीधा जवाब है—नहीं।
15 अक्टूबर 2026 से कुछ निर्दिष्ट Person-to-Merchant UPI Payments, खासकर ₹2,000 से अधिक वाले लेन-देन, MDR के दायरे में आएंगे। सामान्य दर 0.4 प्रतिशत है और ₹75,000 या उससे अधिक के लेन-देन के लिए अधिकतम MDR ₹300 है। वहीं कुछ विशेष क्षेत्रों के लिए ₹5 का फ्लैट MDR रखा गया है।
दूसरी ओर Person-to-Person UPI Payment पूरी तरह मुफ्त रहेगा, चाहे रकम कितनी भी हो। छोटे पात्र व्यापारी और ₹2,000 तक के कई Merchant Payments भी zero-MDR व्यवस्था में रहेंगे।
इसलिए UPI बंद होने या आम आदमी से हर बड़े भुगतान पर चार्ज कटने जैसी बातों पर विश्वास करने की जरूरत नहीं है।
असल बदलाव UPI के पूरे सिस्टम पर नहीं, बल्कि कुछ बड़े Merchant Transactions की शुल्क व्यवस्था में हुआ है।
अगर आप ग्राहक हैं तो सामान्य UPI इस्तेमाल जारी रख सकते हैं। अगर आप व्यापारी हैं तो आपको अपने कारोबार की श्रेणी, मासिक UPI प्राप्तियों और लागू MDR नियम को समझना जरूरी होगा।
और सबसे जरूरी बात—UPI से जुड़े नियम तेजी से बदल रहे हैं, इसलिए किसी पुराने वीडियो या सोशल मीडिया पोस्ट के बजाय NPCI और भारत सरकार की ताजा जानकारी को ही अंतिम आधार मानना चाहिए।